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कुरावली के राजकीय महिला महाविद्यालय में बाबा साहब की 133 वी जयंती मनाई गई।

डा० भीमराव अंबेडकर ने ही भारत की आत्मा कहे जाने वाली अनेकता में एकता जैसे सपने को सविधान रूपी माला में पुरोया था -- डॉ० संजीव पोरवाल

कुरावली के राजकीय महिला महाविद्यालय में 14 अप्रैल दिन रविवार को विद्यायलय प्रकरण में संविधान के शिल्पी भारत रत्न बाबा साहब डा० भीमराव अंबेडकर की 133 वीं जयन्ती मनाई गयी। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० संजीव पोरवाल ने बाबा साहब को माल्यार्पण कर नमन किया एवं सभी प्राध्यापिकाओं ने पुष्प अर्पित किये।

इस अवसर पर आचार्य डॉ० संजीव पोरवाल ने कहा बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। देश के प्रत्येक कोने में रह रहे गरीब, मजदूर, दलित, पिछड़े, वंचितों, बेसहारा एवं सभी वर्गों, समुदाओं, धर्मो को ध्यान में रखते हुए संविधान का निर्माण किया। बाबा साहब ने कहा था कि शिक्षित बनो और संघर्ष करो और अपने अधिकारों को पहचानो क्योंकि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिससे हम अपने अधिकारों के बारे में विशेषरूप से महिलाये जान सकती हैं और अपनी मांग रख सकती हैं। अतः इसी के साथ महिला सशक्तीकरण अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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